सोशल मीडिया- डेड प्रोफाइल्स!

अभी मैंने नए वर्ष के अवसर पर एक समस्या का उल्लेख किया था, मुझे लगता है कि इस विषय पर अलग से आलेख लिखकर सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स को चलाने वाले प्रमुख दलों का ध्यान इस ओर दिलाए जाने की आवश्यकता है।

 

 

हाँ तो जिस समस्या की ओर मैंने संकेत किया था वह ये थी कि कुछ मित्र जो कुछ या बहुत समय पहले परलोक सिधार चुके हैं, उनके जन्मदिन आदि जैसे अवसरों की सूचना फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आती रहती है। जो लोग अंत समय तक उनके संपर्क में रहे उनको तो यह जानकारी भी होती है कि वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके ऐसे भी बहुत से मित्र/कॉन्टेक्ट हो सकते हैं जिनको उनके स्वर्गवास की खबर न मिल पाई हो। ऐसे में वे उनको जन्मदिन आदि की बधाई भी भेजते रह सकते हैं। कितना खराब लगता है न!

लोगों को पहले से यह अंदाजा तो नहीं होता कि वे अब जाने वाले हैं, और जब तक होता है तब वे इस हालत में भी नहीं होते कि अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को डिलीट कर दें, और अक्सर घर में और किसी को उनकी प्रोफाइल में लॉग-इन करना भी नहीं आता, इस प्रकार मृत आत्माओं को जन्मदिन आदि की बधाई देने का यह सिलसिला अक्सर काफी समय तक चलता रहता है।
मेरे विचार में यह काफी गंभीर समस्या है और मृतकों के परिजनों/ सोशल मीडिया के मंच चलाने वाले लोगों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने चाहिएं।

एक प्रस्ताव जो मैं इस समस्या के संबंध में फेसबुक/ ट्विटर आदि-आदि सोशल मीडिया के मंचों के समक्ष रखना चाहूंगा, वो यह है कि वे एक मॉनिटरिंग सिस्टम बनाए, यदि किसी प्रोफाइल के स्वामी द्वारा अपनी प्रोफाइल पर 3 माह की अवधि तक कुछ नहीं लिखा जाता, कोई प्रतिक्रिया भी नहीं दी जाती तो उस प्रोफाइल को कुछ समय के लिए सस्पेंड और फिर मान लीजिए अगले 3 महीने मॉनीटर करने के बाद डिलीट कर दिया जाना चाहिए। वह व्यक्ति यदि है तो बाद में फिर से प्रोफाइल बना सकता है।
जो व्यक्ति जीवित हैं और प्रोफाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं, उनकी प्रोफाइल बने रहने का भी आखिर क्या फायदा है।

मुझे लगा कि यह एक गंभीर समस्या है और इस ओर लोगों को और विशेष रूप से सोशल मीडिया के मंच चलाने वाली बड़ी कंपनियों का ध्यान दिलाया जाना चाहिए, इसलिए मैंने यह आलेख लिखा।

धन्यवाद।

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