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मेरा नाम क्या है जी!

आज बाकी बातें छोड़कर, देश के एक प्रमुख बैंक के साथ हुए अनुभव के बारे में बात कर लेते हैं। आईसीआईसीआई देश का एक प्रमुख प्राइवेट बैंक है और मेरे मन में अक्सर इनकी सेवाओं को लेकर संतुष्टि का भाव रहा है।

 

लेकिन एक नया अनुभव हुआ मुझे, जब मेरा डेबिट कार्ड कुछ कारणों से लॉक हो गया। मैं आजकल गोवा में और कभी-कभी बंगलौर में रहता हूँ और कुछ कारणों से मुझे कुछ दिन के लिए भोपाल जाना पड़ा। भोपाल में एक निकासी करते हुए कुछ कारणों से मेरा कार्ड ब्लॉक हो गया। इत्तफाक़ से उस समय मैं स्वयं यह निकासी नहीं कर रहा था। उसके बाद एक एसएमएस आया जिससे मैं यह नहीं समझ पाया कि मेरा कार्ड ब्लॉक हो गया है। बाद में, जब मैंने बंगलौर में मैंने कार्ड का प्रयोग किया तब मुझे मालूम हुआ कि कार्ड ब्लॉक हो चुका है।

यह अनुभव जो मैं यहाँ शेयर करना चाह रहा हूँ वह इसके बाद का है। मैंने जो नंबर एसएमएस में आया था, 18601207777  उस पर कॉल किया, जो-जो नंबर प्रेस करने को कहा गया वे मैंने प्रेस किए, उसके बाद मुझे 12 अंकों की डेबिट कार्ड संख्या दर्ज करने के लिए कहा गया, वह मैंने दर्ज की, मुझे उत्तर मिला-‘क्षमा करें, यह सही नहीं है’। मुझे लगा कि शायद गलत दर्ज हो गया हो, इसलिए मैंने 4-5 बार यह प्रयास किया और मैं ऐसा तो नहीं मान पाऊंगा कि यह हर बार गलत हुआ होगा, लेकिन उत्तर हर बार यही मिला।

उसके बाद मैंने सोचा कि ऑनलाइन इस संबंध में शिकायत की जाए, यहाँ भी मुझे आवश्यक विवरण देने को कहा गया, जो मैंने दे दिया, लेकिन हर बार पूरा विवरण देने के बाद जब मैं उसको ‘सबमिट’ करता तब यह उत्तर आता-आता- ‘Please enter a valid name’, अब ये तो हद हो गई न! मुझे मेरा नाम तो कम से कम ठीक ही याद है, और फिर मैं वही नाम लिख रहा था जो मेरे डेबिट कार्ड पर अंकित था। लेकिन अनेक बार प्रयास करने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला।

मुझे आशा है कि इसका हल जल्दी ही निकल आएगा, लेकिन मैं यह पोस्ट इस समस्या की ओर ध्यान दिलाने के लिए लिख रहा हूँ, क्योंकि ऐसी समस्याएं तो हल होनी चाहिएं, जहाँ व्यक्ति के मन में यह संदेह पैदा हो जाए कि उसको अपना नाम भी ठीक से याद है या नहीं।

यह पोस्ट मात्र, सिस्टम की इस समस्या की तरफ ध्यान दिलाने के लिए लिखी गई है, इस संदर्भ में मैं अपना फोन नंबर और ई मेल आईडी भी यहाँ दे रहा हूँ। मेरा नंबर-9013973660 ई मेल आईडी- kris230450@gmail.com)

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार।

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One reply on “मेरा नाम क्या है जी!”

Unfortunately, for business corporations that have a huge customer franchise, serving a customer through a human interaction is seen as a big expense. The poor customer often struggles to reach a human who can understand his problem. Machines are efficient, but they have limitations when the requirement is beyond what they have been programmed to do. Unfortunately, in some cases, the poor customer cannot reach any human. And one cannot file a suit for every transaction.

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