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जीवन पर कविता – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य संकलन- ‘PoemHunter.com’ से लेता हूँ। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘Poem on Life’ का भावानुवाद-

 

 

गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता 

 

जीवन पर कविता

 

हमें प्रदान किया जाता है जीवन,
अर्जित करते हैं हम इसे, न्यौछावर करके|

 

मृतकों को प्रसिद्धि का अमरत्व प्राप्त करने दो,
परंतु जीवित लोगों को पाने दो प्रेम का अमरत्व|

 

जीवन की त्रुटियाँ पुकारती हैं  उस दयापूर्ण सौंदर्य को 
जो उनके अकेलेपन को अपनी  पूर्ण सत्ता
में समाहित कर ले |

 

जीवन, एक बच्चे की तरह हँसता है,
    मृत्यु के झुनझुने को तेजी से घुमाते घुमाते हुए|

 

-रवींद्रनाथ ठाकुर

 

और अब वह अंग्रेजी कविता, जिसके आधार मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-

Poem on Life

 

Life is given to us,
we earn it by giving it.
Let the dead have the immortality of fame,
but the living the immortality of love.
Life’s errors cry for the merciful beauty
that can modulate their isolation into a
harmony with the whole.
Life, like a child, laughs,
shaking its rattle of death as it runs.

-Rabindranath Tagore

 

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|

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