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कोरोना और उसका टीका!

हमारे देश में भी कोरोना की महामारी पिछले 3-4 महीने से कहर बरपा कर रही है और इस समय यह अपने चरम पर है| पहले  हम आंकड़ों की दृष्टि से काफी पीछे थे, लेकिन अब बढ़ते-बढ़ते विश्व में तीसरे नंबर पर आ गए हैं|

 

 

ज्योतिषियों ने कहा था कि अभी जो चंद्रग्रहण पड़ा था उसके बाद कोरोना का प्रभाव घटना शुरू हो जाएगा| मन होता है कि कम से कम इस मामले में ज्योतिषियों की भविष्यवाणी सच हो जाए|

अभी पिछले दिनों बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा खोज लेने का दावा किया था, जिसे एलोपैथी के महाविद्वानों से तो समर्थन मिलना ही नहीं था, आयुष मंत्रालय ने भी ना-नुकर करने के बाद ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ के तौर पर ही इस दवा को बेचने की अनुमति दी है| यह भी दुआ करने का मन हो रहा है कि भले ही इस दवा से हो, कोरोना के अंत की शुरूआत हो जाए|

बाबा रामदेव की घोषणा के बाद एक बात तो हुई है कि जो एलोपैथिक दवा की खोज कर रही संस्थाएं यह बता रही थीं कि वे अगस्त-सितंबर के बाद ही वेक्सीन तैयार कर पाएँगी, उन्होंने अब कहना शुरू कर दिया है कि दवा तैयार है और जल्दी ही उसके ट्रायल शुरू हो जाएंगे|

स्पष्ट है कि एलोपैथी दवा-कंपनियों का बड़ा नेटवर्क है, इससे कमीशनखोरी का भी काफी बड़ा तंत्रजाल जुड़ा है| कोई अगर सस्ती आयुर्वेदिक दवा से कोरोना का इलाज संभव बना देगा तो इनके मोटी कमाई वाले सपनों का क्या होगा?

मुझे नहीं मालूम कि बाबा रामदेव की यह दवाई कितनी कारगर होगी, लेकिन ऐसा लगता है कि इससे कोरोना के मामलों पर कुछ लगाम लगेगी| मैं जानता हूँ कि डेंगू के मामलों में भी बाबा रामदेव की दवा काफी कारगर हुई थी| लेकिन इतना जरूर है कि इस दवा के बाज़ार में आ जाने से एलोपैथी के महारथी भी वेक्सीन को तैयार करने में जल्दी करेंगे और अपने मोटी कमाई के सपनों पर भी लगाम लगाएंगे|

यही दुआ है कि हमारे देश को और पूरी दुनिया को इस दुष्ट महामारी से शीघ्र छुटकारा मिले|

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|

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