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कौन है यह – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी में मूल कविताएं सामान्यतः ऑनलाइन उपलब्ध काव्य संकलन- ‘PoemHunter.com’ से लेता हूँ। लीजिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया उनकी कविता ‘Who Is This’ का भावानुवाद-


गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की कविता


कौन है यह

मैं अकेला ही निकला था, इस गुप्त भेंट के अपने मार्ग पर,
परंतु कौन है यह, जो इस शांत अंधेरे में मेरे पीछे-पीछे चला है?

मैं एक तरफ खिसक जाता हूं उसकी उपस्थिति से बचने के लिए, परंतु उससे बचने में सफल नहीं होता|

वह अपनी अकड़ भरी चाल के कारण धूल उड़ाता चलता है;
मैं जो भी शब्द बोलता हूँ, उसमें वह अपना भारी स्वर जोड़ देता है|


वह मेरा ही अपना लघु अहं है, मेरे प्रभु, उसे बिलकुल शर्म नहीं आती;
परंतु मैं शर्मिंदा हूँ, कि मैं आपके द्वार पर, उसको साथ लेकर आया|


-रवींद्रनाथ ठाकुर



और अब वह अंग्रेजी कविता, जिसके आधार पर मैं भावानुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ-


Who Is This



I came out alone on my way to my tryst.
But who is this that follows me in the silent dark?

I move aside to avoid his presence but I escape him not.

He makes the dust rise from the earth with his swagger;
he adds his loud voice to every word that I utter.

He is my own little self, my lord, he knows no shame;
but I am ashamed to come to thy door in his company.



-Rabindranath Tagore



आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|


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2 replies on “कौन है यह – रवीन्द्रनाथ ठाकुर”

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