Categories
Uncategorized

हाइड पार्क लंदन!

जैसा कि आप जानते हैं कि फिर से मैं वर्ष 2019 अगस्त-सितंबर के अपने दूसरे लंदन प्रवास के अनुभव शेयर कर रहा हूँ| अब प्रस्तुत है अगले भ्रमण का ब्यौरा|

रविवार का दिन, सो मौका था कि परिवार के साथ कोई स्थान देखने जाएं लंदन में। आज बच्चों ने हाइड पार्क दिखाने का फैसला किया। जैसा मैंने पहले भी बताया है, हमारे घर के पास ही कैनरी व्हार्फ ट्यूब स्टेशन है। सो हमने यहाँ से ही जुबली लाइन द्वारा अपनी यात्रा प्रारंभ की, इस लाइन से हम ‘ग्रीन पार्क’ तक गए, वहाँ से पिकेडिली लाइन द्वारा ‘हाइड पार्क कॉर्नर’ तक गए, जिसके बगल में ही हाइड पार्क बहुत लंबे-चौड़े क्षेत्र में फैला है।

लंदन में रहें तो किसी दिन ‘हाइड पार्क’ देखना तो बनता ही है। इस विशाल पार्क में अनेक स्मारक, मूर्तियां, जीव-जंतु, फाउंटेन, विशाल झील जिसमें रंग-बिरंगी नावें तैरती हैं और बोटिंग का एक अतिरिक्त आकर्षण तो है ही! ‘रोज़ गार्डन’ भी यहाँ का एक बड़ा आकर्षण है, जहाँ आपको अनेक किस्म के गुलाब के फूल देखने को मिल जाएंगे।

यहाँ की झील में जहाँ अनेक बत्तखें, सारस आदि हैं जो दर्शकों के हाथों से आहार पाने के लिए बहुत पास आ जाते हैं, कबूतर भी डरते नहीं लगते। यहाँ गिलहरियां भी कुछ बड़े आकार की और कुछ हद तक निडर सी लगीं। खाने के लिए उनके बीच भाग-दौड़ और युद्ध होते भी देखा।

हाइड पार्क में अनेक आयोजन होते रहते हैं, आज भी एक संगीत का आयोजन हो रहा था, बहुत से फेस्टिवल होते हैं। एक स्पीकर्स कॉर्नर भी है, जहाँ विश्व के अनेक वक्ता समय-समय पर लोगों को संबोधित करते हैं।

इस प्रकार हमने ‘हाइड पार्क’ भ्रमण का आनंद लिया और उसके बाद दूसरे रूट से लौटने का फैसला किया। हम बस पकड़ने के लिए दूसरी तरफ से निकले, क्योंकि जैसा मैंने बताया यह पार्क विशाल क्षेत्र में फैला है।

यहाँ मैं एक सावधानी की आवश्यकता की ओर इशारा कर रहा हूँ। इस भ्रमण पर मैं और मेरी पत्नी, मेरे बेटे और बहू के साथ गए थे। पार्क से बाहर निकलते समय मेरी पत्नी ने मेरी बहू को बताया कि तुम्हारे कंधे से लटके पर्स की ‘चेन’ खुली हुई है, उसने बंद की, कुछ देर उसे झटका महसूस हुआ, उसने देखा कि एक युवक जो एक लड़की के साथ चल रहा था, उसने पर्स की चेन खोल दी थी, संभव है पहली बार भी उसने ही ऐसा किया हो। उसको डांटा तो वो बहाने बनाता हुआ आगे निकल गया, लेकिन गनीमत ये है कि वह कुछ नुक़सान नहीं कर पाया था।
सो ऐसी गलतफहमी में न रहें कि यह भद्रजनों का इलाका है और पूरी तरह सावधान रहें।

वहाँ से हम बस द्वारा विक्टोरिया क्षेत्र में गए, जहाँ से लंदन के काफी इलाकों के लिए बसें मिलती हैं, यहाँ हम एक फूड-कोर्ट में गए। वहाँ पर खाने की व्यवस्था को देखकर लगा कि हम भारत में ही हैं। यहाँ हमने डोसा, चावल की थाली, रोटी थाली और ‘मोमोज़’ लिए। एकदम अपने देश जैसा खाना लगा। अगर आपको जानकारी हो तो ऐसे बहुत से रेस्टोरेंट आपको मिल जाएंगे जहाँ जाकर आप अपना मनपसंद खाना खा सकते हैं।

फिर विक्टोरिया से बस पकड़कर हम ‘ग्रीन पार्क’ आ गए। इस स्टेशन के नाम से भी दिल्ली याद आ जाती है। इस स्टेशन के सामने ही ‘बकिंघम पैलेस’ है। यहाँ राज परिवार अब नहीं रहता है लेकिन रानी के जन्मदिन पर पूरा परिवार यहाँ आता है, तोपों की सलामी और अन्य आयोजन होते हैं और राज परिवार के लोग बॉल्कनी से लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हैं। पिछले वर्ष मैं उस अवसर पर वहाँ था, (पिछले महीने भी यह आयोजन हुआ था), मैंने उस समय अपने ब्लॉग में इसका वर्णन दिया था।
ग्रीन-पार्क से ट्रेन पकड़कर हम वापस कैनरी व्हार्फ स्टेशन आए, यहाँ स्टेशन से बाहर निकलते हुए मार्केट में कुछ ‘डिस्पेंसर’ लगे हैं जहाँ से आप फ्री में अपने पढ़ने के लिए 1,2,5 मिनट की साहित्यि कविता, कहानी आदि निकाल सकते हैं। मेरे हिस्से में एक कविता आई ‘एलिज़बेथ बैरेट ब्राउनिंग’ की शीर्षक है ‘हाऊ डू आई लव दी’। इस प्रकार आप यहाँ  मुफ्त में अच्छी साहित्यिक रचनाओं का आनंद ले सकते हैं|
अंत में दो लोगों की जो मूर्ति शेयर की है, वह तो कैनेरी व्हार्फ मार्केट क्षेत्र में ही लगी है|
आज के लिए इतना ही।
नमस्कार।

********

2 replies on “हाइड पार्क लंदन!”

Generally we are so over whelmed during tours that we forget to care about mishappenings. one should take of as you quoted.

Leave a Reply