Categories
Uncategorized

हम आपकी आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो!

आज गुरुदत्त जी की फिल्म-प्यासा का एक गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे रफी साहब और गीता दत्त जी ने गाया है| इसमें यही सब बताया गया कि नायिका का प्यार पाने के लिए आशिक़ महोदय किस हद तक जाने को तैयार रहते हैं और क्या-क्या सहना पड़ता है मासूम से आशिक़ को|


यह मजेदार गीत, जिसका संगीत दिया है एस डी बर्मन साहब ने और गीतकार हैं – साहिर लुधियानवी जी| लीजिए प्रस्तुत है यह गीत-

हम आपकी आँखों में, इस दिल को बसा दें तो,
हम मूँद के पलकों को, इस दिल को सज़ा दें तो|

इन ज़ुल्फ़ों में गूँथेंगे हम फूल मुहब्बत के,
ज़ुल्फ़ों को झटक कर हम ये फूल गिरा दें तो|
हम आपकी आँखों में…

हम आपको ख्वाबों में ला, ला के सतायेंगे,
हम आपकी आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो|
हम आपकी आँखों में…

हम आपके कदमों पर गिर जायेंगे ग़श खाकर,
इस पर भी न हम अपने आंचल की हवा दें तो|
हम आपकी आँखों में…

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
********

2 replies on “हम आपकी आँखों से नींदें ही उड़ा दें तो!”

Leave a Reply