पेलोलिम- गोवा की एक खूबसूरत ‘बीच’!

गोवा में रहते हुए कई वर्ष बीत चले, जब लोग यहाँ बाहर से घूमने के लिए आते हैं, तब उनका लक्ष्य होता है कि सीमित समय में जितना हो सकता है, उतना गोवा देख लें| मुख्य आकर्षण तो यहाँ के समुद्र-तट, यहाँ की खूबसूरत ‘बीच’ ही हैं, कुछ पुराने चर्च, फोर्ट आदि हैं, जहां फिल्मों की शूटिंग भी होती रहती है|

जैसा मैंने पहले भी बताया है, मेरे घर के सामने ही ‘मीरामार बीच’ का इलाका है, बॉल्कनी से ही ‘बीच’ दिखाई देती है और वहाँ जाने के लिए बस सड़क पार करनी होती है, बाईं तरफ बढ़ जाओ तो ‘दोना पावला व्यू पाइंट’, जिसे ‘लवर्स पाइंट’ भी बोलते हैं और दाहिनी तरफ जाने पर ‘मीरामार बीच’| मेरी शाम की सैर ‘बीच’ के साथ-साथ ही होती है| बहुत अच्छा लगता है जब लोगों को अपनी फोटो में शाम के डूबते सूरज को ‘ट्रिक’ से अपनी मुट्ठी में कैद करने अथवा हथेली पर रखने का उपक्रम करते देखता हूँ, और फोन पर उत्साह से यह बताते हुए सुनता हूँ, ‘मैं अभी मीरामार बीच पर हूँ’|

खैर क्योंकि अब गोवा में ही हूँ, इसलिए कोई जल्दी नहीं रहती सभी जगहों को देखने का टार्गेट पूरा करने की| क्योंकि पणजी में ही हूँ, तो यहाँ का चर्च, बाज़ार, कला अकादमी आदि तो देखते ही रहते हैं| आधा गोवा तो हमने परिवार के साथ बाहर ‘डिनर’ करने के क्रम में देख लिया है| बच्चों को इस बात की जानकारी रहती है कि आजकल कहाँ अच्छा खाना और सर्विस मिलती है|

अब मैं आज के इस आलेख के मुख्य विषय पर आता हूँ| जैसे मीरामर, केलेंगुट, वाघा आदि बहुत सी बीच तो हम गाड़ी में घूमते हुए पहले ही देख आए हैं| पिछले माह हम उत्तरी गोवा में ‘आरंबोल’ बीच गए थे, जो बहुत खूबसूरत बीच मानी जाती है, वहाँ हमने दो दिन का प्रवास किया था और वह बहुत अच्छा अनुभव रहा था|

इस बार हमारा प्रोग्राम बना दक्षिणी गोवा में ‘पेलोलिम’ बीच जाने का, जिसके बारे में मेरे बेटे ने बताया कि यह गोवा की सबसे खूबसूरत ‘बीच’ है| मैं यह भी बता दूँ कि हम गोवा में पिछले 3-4 वर्ष से हैं लेकिन मेरे बेटे यहाँ आने से पहले ही गोवा को खंगाल चुके थे|

हाँ तो, ‘पेलोलिम’ बीच के बगल में ही रुकने के लिए ‘आर्ट रिज़ॉर्ट’ है जिसमें बहुत खूबसूरत तरीके से समुद्र के किनारे ही ‘कॉटेज’ बनाए गए हैं और पेंटिंग्स का डिस्प्ले आदि, सभी कुछ अत्यंत सुरुचिपूर्ण है|

इन स्थानों की प्राकृतिक सुंदरता तो देखने और अनुभव करने के लिए ही होती हैं, मैं इनका वर्णन क्या कर पाऊँगा, लोगों ने यहाँ समुद्र में बैठक करने का खूब आनंद लिया और बोटिंग के लिए आसपास के कुछ स्थलों को भी देखा, जिनमें ‘बटरफ्लाई बीच’, ‘हनीमून बीच’ आदि शामिल हैं| एक अनुभव जो अब तक नहीं हो पाया था, वह है बोटिंग के दौरान ‘डॉल्फ़िंस’ को देखने का, इससे पहले कई स्थानों पर हम गए थे, परंतु नहीं देख पाए थे, यहाँ उनको भी देख लिया, यद्यपि उनके शरीर का कुछ भाग ही पानी से बाहर निकलते हुए देखा, परंतु अनेक बार देखा| ऐसा लगता है कि ‘डॉल्फ़िंस’ के कुछ परिवार उस क्षेत्र में थे|



कुल मिलाकर ‘पेलोलिम’ बीच पर दो दिन का यह प्रवास बहुत अच्छा अनुभव रहा और गोवा ‘विजिट’ पर आने वाले साथी इसको भी अपने गंतव्य स्थलों में शामिल कर सकते हैं और चाहें तो कुछ दिन यहाँ बिता सकते हैं|
आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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