एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम!

आज ज़नाब क़तील शिफ़ाई साहब की एक ग़ज़ल के कुछ शेर शेयर कर रहा हूँ| क़तील साहब भारतीय उपमहाद्वीप के जाने-माने शायर रहे हैं और उनकी ग़ज़लें ग़ुलाम अली साहब और जगजीत सिंह जी जैसे प्रमुख ग़ज़ल गायकों ने गाई हैं|

लीजिए आज क़तील शिफ़ाई साहब की इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए, जिसे जगजीत सिंह-चित्रा सिंह की सुरीली जोड़ी गाया है –


मिलकर जुदा हुए तो न सोया करेंगे हम,
एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम|

आँसू छलक छलक के सतायेंगे रात भर,
मोती पलक पलक में पिरोया करेंगे हम|

जब दूरियों की आग दिलों को जलायेगी,
जिस्मों को चाँदनी में भिगोया करेंगे हम|

गर दे गया दग़ा हमें तूफ़ान भी “क़तील”,
साहिल पे कश्तियों को डूबोया करेंगे हम|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
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