ऑनलाइन इंटरव्यू!

अपनी पुरानी और कुछ नई कविताएं शेयर करने का सिलसिला फिलहाल बंद करता हूँ, आज इस क्रम की अंतिम कविता के साथ|

फिर कोई नई कविता जन्म लेगी तो शेयर करूंगा, लीजिए आज यह गीत प्रस्तुत है-

इंटरव्यू देते हैं रोज हम,
रोज मुस्कुराते हैं|

रोज़गार पाने को,
आवश्यक मुस्काना,
उनको क्या गरज हमारी पतली हालत से,
नीचे जो पहने हों,
ऊपर टाई बांधकर
ऑनलाइन इंटरव्यू निपटाते हैं|


जब तक है काम नहीं,
इंटरव्यू काम है,
जब भी मौका मिले,
हम इसे निभाते हैं|

सबको है इंतज़ार, सुनहरे दिनों का,
उनके लिए सदा पलकें बिछाते हैं,
रोने से क्या होगा, अपनी जीवट शक्ति को,
प्रतिदिन भरपूर हम दिखाते हैं|


और क्या करें हम, बस
रोज मुस्कुराते हैं|


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|

+_+_+_

7 thoughts on “ऑनलाइन इंटरव्यू!”

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