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इससे पहले कि बेवफा हो जाएं !

आज एक बार फिर मैं भारतीय उपमहाद्वीप के बहुत विख्यात शायर अहमद फराज़ साहब की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| फराज़ साहब अपने अंदाज़ ए बयां और बेहतरीन ग़ज़लों के लिए जाने जाते थे और वे पाकिस्तान के संभवतः सबसे प्रसिद्ध शायरों में शामिल थे|

लीजिए आज फराज़ साहब की इस ग़ज़ल का आनंद लीजिए-

इससे पहले कि बेवफ़ा हो जाएँ
क्यूँ न ए दोस्त हम जुदा हो जाएँ

तू भी हीरे से बन गया पत्थर
हम भी कल जाने क्या से क्या हो जाएँ

हम भी मजबूरियों का उज़्र करें
फिर कहीं और मुब्तिला हो जाएँ

अब के गर तू मिले तो हम तुझसे
ऐसे लिपटें तेरी क़बा हो जाएँ

बंदगी हमने छोड़ दी फ़राज़
क्या करें लोग जब ख़ुदा हो जाएँ

आज के लिए इतना ही,

नमस्कार|

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5 replies on “इससे पहले कि बेवफा हो जाएं !”

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