आंसू न बहा फ़रियाद न कर!

आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक बहुत सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ| डॉक्टर सफ़दर आह सीतापुरी जी का लिखा यह गीत मुकेश जी ने फिल्म- ‘पहली नज़र’ के लिए गाया था, इसका संगीत तैयार किया था अनिल बिस्वास जी ने|

इस गीत के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मुकेश जी का गाया पहला गीत था और इस गीत को सुनकर फिल्म के निर्माता ने कहा था कि यह स्वर नायक के व्यक्तित्व से मैच नहीं होता इसलिए किसी और से यह गीत गाने को कहा जाए| मुकेश जी की आंखों में यह सुनकर आंसू आ गए थे, तब संगीतकार अनिल बिस्वास साहब ने उससे कहा था कि लोग आपकी फिल्म को भूल जाएंगे परंतु इस गीत को नहीं भूल पाएंगे|

लीजिए प्रस्तुत है यह गीत जिसके माध्यम से मुकेश जी ने फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी-


दिल जलता है तो जलने दे
आंसू ना बहा फ़रियाद ना कर
दिल जलता है तो जलने दे |

तू परदा नशीं का आशिक़ है
यूं नाम-ए-वफ़ा बरबाद ना कर
दिल जलता है तो जलने दे |

मासूम नजर के तीर चला
बिस्मिल को बिस्मिल और बना
अब शर्म-ओ-हया के परदे में
यूं छुप छुप के बेदाद ना कर
दिल जलता है तो जलने दे |


हम आस लगाये बैठे हैं
वो वादा करके भूल गये
या सूरत आके दिखा जाओ
या कह दो हमको याद ना कर
दिल जलता है, दिल जलता है, दिल जलता है …


आज के लिए इतना ही,

नमस्कार
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