मैं दिया हूँ ऐसा जहान में!

आज मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा सा गीत शेयर कर रहा हूँ|
आज का यह गीत फिल्म ‘उम्र क़ैद’ से है, इसका संगीत तैयार किया था इकबाल कुरैशी जी ने और इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी जी ने|

कभी कभी हमें यह बहुत महत्वपूर्ण लगता है कि किसी व्यक्ति विशेष के मन में कहीं हमारी छवि खराब न हो जाए| ऐसा लगता है कि यदि उस व्यक्ति ने हमें अपनी निगाहों से गिरा दिया तो हमारी सभी उपलब्धियां बेकार हैं| लीजिए प्रस्तुत है मुकेश जी का यह दर्द भरा गीत:


मुझे रात दिन ये ख्याल है
वो नज़र से मुझको गिरा न दे,
मेरी ज़िन्दगी का दिया कहीं
ये गमों की आंधी बुझा न दे|
मुझे रात दिन ये ख्याल है|

मेरे दिल के दाग़ न जल उठें
मेरे दिल के दाग़
मेरे दिल के दाग़ न जल उठें
कहीं मेरे सीने की आग से
कहीं मेरे सीने की आग से,
ये घुटी घुटी मेरी आह भी
कहीं होश मेरे उड़ा न दे,
मुझे रात दिन ये ख्याल है|


किसे अपना हाल सुनाऊं मैं
किसे अपना हाल,
किसे अपना हाल सुनाऊं मैं
मेरा दिल भी गैर का हो चुका
मेरा दिल भी गैर का हो चुका
बड़ी उलझनों में घिरा हूँ मैं
के फ़साना कोई बना न दे,
मुझे रात दिन ये ख्याल है|

मैं दिया हूँ ऐसा जहान में
मैं दिया हूँ ऐसा,
मैं दिया हूँ ऐसा जहान में
के जला तो हूँ नहीं रोशनी
के जला तो हूँ नहीं रोशनी
जो जिगर में है वो खलिश कहीं
मेरी हसरतों को मिटा न दे|
मुझे रात दिन ये ख्याल है
वो नज़र से मुझको गिरा न दे,

मुझे रात दिन ये ख्याल है|

आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
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