मैं नशे में हूँ 2

ढल चुकी है रात कब की, उठ गई महफ़िल,
मैं कहाँ जाऊं नहीं मेरी कोई मंजिल,
दो क़दम मुश्किल है चलना
मैं नशे में हूँ!

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