सारा जहां हमारा 3

जितनी भी बिल्डिंगें थीं, सेठों ने बाँट ली हैं
फ़ुटपाथ बम्बई के हैं आशियाँ हमारा|
चीन-ओ-अरब हमारा …

फिर सुबह होगी

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