सारा जहां हमारा 6

पतला है हाल-ए-अपना, लेकिन लहू है गाढ़ा
फौलाद से बना है, हर नौजवाँ हमारा|


मिल-जुलके इस वतन को, ऐसा सजायेंगे हम
हैरत से मुँह तकेगा सारा जहाँ हमारा|


चीन-ओ-अरब हमारा …


वो सुबह कभी तो आएगी

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