ज़िंदगी, कैसी है पहेली!

फिल्म आनंद, जिसमें एक जमे हुए सुपर स्टार राजेश खन्ना थे और उनके सामने ये थे अपेक्षाकृत नए कलाकार अमिताभ बच्चन, लेकिन इस फिल्म से ही अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ी थी| फिल्म आनंद में बहुत से लाजवाब गाने थे, जिनमें मुकेश जी का गाया गीत – ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ भी है और भी एक से बढ़कर एक गीत थे|

खैर आज मैं आनंद फिल्म का जो गीत शेयर कर रहा हूँ, वह मन्ना डे जी का गाया हुआ है, गीत लिखा है योगेश जी ने और सलिल चौधरी जी के संगीत निर्देशन में मन्ना डे साहब ने जीवन दर्शन को समझाने वाले इस गीत को बड़े सुंदर अंदाज में गाया है| लीजिए प्रस्तुत हैं इस गीत के बोल-


ज़िंदगी …
कैसी है पहेली, हाए
कभी तो हंसाये
कभी ये रुलाये
ज़िंदगी …

कभी देखो मन नहीं जागे
पीछे पीछे सपनों के भागे
एक दिन सपनों का राही
चला जाए सपनों के आगे कहाँ
ज़िंदगी …

जिन्होने सजाए यहाँ मेले
सुख-दुख संग-संग झेले
वही चुनकर ख़ामोशी
यूँ चले जाएं अकेले कहाँ
ज़िंदगी …



आज के लिए इतना ही,
नमस्कार|
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