चंदन वन डूब गया!

छोटी से बड़ी हुई तरुओं की छायाएं,
धुंधलाई सूरज के माथे की रेखाएं,
मत बांधो आंचल में फूल चलो लौट चलें,
वह देखो, कोहरे में चंदन वन डूब गया।

किशन सरोज

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