कि संग तुझपे गिरे और ज़ख़्म आये मुझे!

ये मोजज़ा भी मुहब्बत कभी दिखाये मुझे
कि संग तुझपे गिरे और ज़ख़्म आये मुझे।

क़तील शिफाई

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