ज़िंदगी के सताए हुए हैं!

इश्क़ में हम तुम्हें क्या बताएं, किस क़दर चोट खाए हुए हैं,
मौत ने हमको बख्शा है लेकिन, ज़िंदगी के सताए हुए हैं|

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