लेना है उसका नाम, चलो मयकदे चलें!

ऐसी फ़ज़ा में लुत्फ़े-इबादत न आएगा,
लेना है उसका नाम, चलो मयकदे चलें|

कृष्ण बिहारी ‘नूर’

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