नदी गुनगुनाई ख़यालात की!

उजालों की परियाँ नहाने लगीं,
नदी गुनगुनाई ख़यालात की|

बशीर बद्र

2 Comments

  1. vermavkv says:

    बहुत सुन्दर

    1. shri.krishna.sharma says:

      बहुत बहुत धन्यवाद जी।

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