मुर्ग़े की आवाज़ से खुलती!

चिड़ियों के चहकार में गूंजे, राधा-मोहन अली-अली|
मुर्ग़े की आवाज़ से खुलती, घर की कुंडी जैसी मां |

निदा फ़ाज़ली

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