तुम्हारे नाम पे आयेंगे!

बड़ा है दर्द का रिश्ता ये दिल गरीब सही,
तुम्हारे नाम पे आयेंगे ग़म-गुसार चले|

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

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