अपना ख़ुदा ढूंढ रहे हैं!

पूजा में, नमाज़ों में, अज़ानों में, भजन में,
ये लोग कहाँ अपना ख़ुदा ढूंढ रहे हैं|

राजेश रेड्डी

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