जाम ही मांगना छोड़ दे!

तेरी आँखों से छलकी हुई, जो भी इक बार पी ले अगर,
फिर वो मैख़ार ऐ साक़िया, जाम ही मांगना छोड़ दे|

हसन काज़मी

2 Comments

    1. shri.krishna.sharma says:

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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