ऐ दोस्त हर एहसान लेते हैं!

तुझे घाटा न होने देंगे कारोबार-ए-उल्फ़त में,
हम अपने सर तेरा ऐ दोस्त हर एहसान लेते हैं|

फ़िराक़ गोरखपुरी

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