उम्र जल्वों में बसर हो–

उम्र जल्वों में बसर हो ये ज़रूरी तो नहीं,
हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नहीं|

ख़ामोश ग़ाज़ीपुरी

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