सूरज हैं सर्द मुल्कों के!

हम तो सूरज हैं सर्द मुल्कों के,
मूड आता है तब निकलते हैं।

सूर्यभानु गुप्त

2 Comments

    1. shri.krishna.sharma says:

      Thanks a lot ji.

Leave a Reply