बनते हैं अंजाने बहुत!

क्या तग़ाफ़ुल का अजब अन्दाज़ है,
जानकर बनते हैं अंजाने बहुत|

महेन्द्र सिंह बेदी ‘सहर’

2 Comments

  1. vermavkv says:

    वाह, वाह |

    1. shri.krishna.sharma says:

      हार्दिक धन्यवाद जी।

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