मेरे साजन हैं उस पार!

फिल्म- ‘बंदिनी’ के लिए शैलेन्द्र जी का लिखा एक प्रसिद्ध गीत आज शेयर कर रहा हूँ जिसे नूतन जी और अशोक कुमार जी पर फिल्माया गया था| शैलेन्द्र जी के लिखे इस भाव भरे गीत के लिए संगीत और स्वयं अपना स्वर दिया था स्वर्गीय सचिन देव बर्मन जी ने| बर्मन दा के स्वर में यह गीत आज भी हमारे मन में गूँजता है और फिल्म का वह दृश्य भी याद आ जाता है|

लीजिए आज प्रस्तुत हैं इस अनूठे गीत के बोल:

ओ रे माझी ! ओ रे माझी ! ओ ओ मेरे माझी !

मेरे साजन हैं उस पार, मैं मन मार, हूँ इस पार
ओ मेरे माझी, अबकी बार, ले चल पार, ले चल पार
मेरे साजन हैं उस पार…

मन की किताब से तू, मेरा नाम ही मिटा देना
गुन तो न था कोई भी, अवगुन मेरे भुला देना
मुझे आज की बिदा का…
मुझे आज की बिदा का मर के भी रहता इन्तज़ार
मेरे साजन…

मत खेल जल जाएगी, कहती है आग मेरे मन की
मत खेल…
मत खेल जल जाएगी, कहती है आग मेरे मन की
मैं बंदिनी पिया की मैं संगिनी हूँ साजन की
मेरा खींचती है आँचल…
मेरा खींचती है आँचल मन मीत तेरी हर पुकार
मेरे साजन हैं उस पार
ओ रे माझी ओ रे माझी ओ ओ मेरे माझी
मेरे साजन हैं उस पार…


आज के लिए इतना ही,
नमस्कार
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