रेशम-ओ-किम्ख्वाब लगे!

एक चुपचाप सी लड़की, न कहानी न ग़ज़ल,
याद जो आये कभी रेशम-ओ-किम्ख्वाब लगे|

निदा फ़ाज़ली

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