बहुत बड़ी फ़नकारी है!

मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है,
जीवन जीना सहल न जानो, बहुत बड़ी फ़नकारी है|

निदा फ़ाज़ली

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