रोती है मेरे दिल पर!

अरमान सुलगते हैं सीने में चिता जैसे,
कातिल नज़र आती है दुनिया की हवा जैसे,
रोती है मेरे दिल पर बजती हुई शहनाई|

अली सरदार जाफ़री

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