नज़रें भी चुरा लेते हैं लोग!

मिल भी लेते हैं गले से अपने मतलब के लिए,
आ पड़े मुश्किल तो नज़रें भी चुरा लेते हैं लोग|

क़तील शिफ़ाई

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