दिल की कुछ ऐसी किताब रखते हैं!

हर एक वर्क़ में तुम ही तुम हो जान-ए-महबूबी,
हम अपने दिल की कुछ ऐसी किताब रखते हैं|

हसरत जयपुरी

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