मुमकिन है उड़ानों से बनाए रखना!

शायरी ख़्वाब दिखाएगी कई बार मगर,
दोस्ती ग़म के फ़सानों से बनाए रखना|

आशियाँ दिल में रहे आसमान आँखों में,
यूँ भी मुमकिन है उड़ानों से बनाए रखना|

बालस्वरूप राही

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