न क्यूँ उर्दू ज़बाँ आई!

मेरे बच्चों में सारी आदतें मौजूद हैं मेरी,
तो फिर इन बद-नसीबों को न क्यूँ उर्दू ज़बाँ आई|

मुनव्वर राना

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