तुझसे मिल कर उदास रहता हूँ!

चंद कलियाँ निशात की चुनकर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ,
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझसे मिल कर उदास रहता हूँ|

साहिर लुधियानवी

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