महफ़िलों में तुझे ढूँढता हूँ मैं!

बिखरा पड़ा है तेरे ही घर में तेरा वजूद,
बेकार महफ़िलों में तुझे ढूँढता हूँ मैं|

क़तील शिफ़ाई

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