आने वाले हैं ज़ंजीरें पहनाने लोग!

फिर सहरा से डर लगता है फिर शहरों की याद आई,
फिर शायद आने वाले हैं ज़ंजीरें पहनाने लोग|

राही मासूम रज़ा

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