शोले तो शोले धुआँ नहीं मिलता!

वो मेरा गाँव है वो मेरे गाँव के चूल्हे,
कि जिनमें शोले तो शोले धुआँ नहीं मिलता|

कैफ़ी आज़मी

Leave a Reply