जिसे मैंने चाहा मिला नहीं!

ये ख़ुदा की देन अजीब है कि इसी का नाम नसीब है,
जिसे तूने चाहा वो मिल गया जिसे मैंने चाहा मिला नहीं|

बशीर बद्र

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