दीवार-ए-तन्हाई भी होती है!

हम उनकी बज़्म तक जा ही पहुँचते हैं किसी सूरत,
अगरचे राह में दीवार-ए-तन्हाई भी होती है|

क़तील शिफ़ाई

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