ख़ुदा जाने कहाँ जाते!

निकलकर दैर-ओ-काबा से अगर मिलता न मय-ख़ाना,
तो ठुकराए हुए इंसाँ ख़ुदा जाने कहाँ जाते|

क़तील शिफ़ाई

Leave a Reply