लुक़्मा-ए-तर पर नहीं गिरता!

उस बंदा-ए-ख़ुद्दार पे नबियों का है साया,
जो भूक में भी लुक़्मा-ए-तर पर नहीं गिरता|

क़तील शिफ़ाई

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