चराग़ नहीं हूँ कि फिर जला लेगा!

मैं बुझ गया तो हमेशा को बुझ ही जाऊँगा,
कोई चराग़ नहीं हूँ कि फिर जला लेगा|

वसीम बरेलवी

Leave a Reply