बुलाया है कि जा भी न सकूँ!

मिरी ग़ैरत भी कोई शय है कि महफ़िल में मुझे,
उसने इस तरह बुलाया है कि जा भी न सकूँ|

राहत इन्दौरी

2 Comments

Leave a Reply