उसे तो ख़बर है कि कुछ नहीं हूँ मैं!

मैं लाख कह दूँ कि आकाश हूँ ज़मीं हूँ मैं,
मगर उसे तो ख़बर है कि कुछ नहीं हूँ मैं|

राहत इन्दौरी

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