गर्दिश-ए-पैमाना हम!

मस्ती-ए-रिंदाना हम सैराबी-ए-मय-ख़ाना हम,
गर्दिश-ए-तक़दीर से हैं गर्दिश-ए-पैमाना हम|

अली सरदार जाफ़री

Leave a Reply